Ghar Ke Bahar Ka Colour Kaisa Hona Chahiye: वास्तुशास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार, घर की बाहरी दीवारों के रंग का चुनाव करना एक महत्वपूर्ण निर्णय है जो न केवल आपके घर की सुंदरता को प्रभावित करता है, बल्कि आपके जीवन की गुणवत्ता और समृद्धि को भी प्रभावित करता है।
प्राचीन भारतीय वास्तुशास्त्र (Vastu Shastra) सिद्धांतों के अनुसार, विभिन्न रंगों की अपनी विशिष्ट ऊर्जा और गुण होते हैं जो हमारे मनोदशा, संबंधों और सामान्य कल्याण को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए, अपने घर की बाहरी दीवारों के लिए सही रंग का चयन करना न केवल एक सौंदर्य संबंधी निर्णय है, बल्कि एक ऐसा कदम भी है जो आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि को आकर्षित कर सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु के अनुसार कौन से रंग आपके घर के लिए सबसे अनुकूल हैं? क्या आप अपने घर की बाहरी दीवारों को पेंट करते समय कुछ सरल दिशानिर्देशों का पालन करके अपने जीवन में खुशी, शांति और समृद्धि को आमंत्रित कर सकते हैं?
आइए हम गहराई से जानें कि वास्तु के अनुसार ghar ke bahar Ka colour kaisa hona chahiye और आप उन्हें कैसे अपने लाभ के लिए उपयोग कर सकते है।
घर की बाहरी दीवारों को वास्तु का ध्यान रखते हुए क्यों रंगवाना चाहिए?
वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार, घर की बाहरी दीवारों के रंग का चयन घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने और निवासियों के जीवन को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह रंग, भावनाओं, स्वास्थ्य, और निवासियों के भविष्य पर गहरा प्रभाव डालते हैं। हर रंग का अपना विशेष महत्व होता है, जैसे कि हरा शांति और संवृद्धि का प्रतीक होता है, नीला शांति और सुखद वातावरण का, पीला आशावादी और खुशियों का, और लाल धन और सफलता का। ये सभी घर के बाहरी वातावरण को प्रभावित करते हैं और उसे आकर्षक बनाते हैं, जिससे घर के निवासियों की भावनाएं और जीवन की गुणवत्ता सुधरती हैं।
घर को वास्तु के अनुसार रंगवाने का क्या महत्व है?
घर की बाहरी दीवारों को विभिन्न रंगों से सजाने का महत्व निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:
- आकर्षक नज़ारा पैदा करना: रंग-बिरंगी बाहरी दीवारें घर को आकर्षक और सुंदर बनाती हैं। विभिन्न रंगों का उपयुक्त संयोजन घर की बनावट और डिज़ाइन को उभारता है। जैसा कि अल्ट्राटेक सीमेंट के एक लेख में कहा गया है, “सही रंग पैलेट के साथ, आप एक बयान दे सकते हैं और आकर्षण बढ़ा सकते हैं।” रंगीन दीवारें घर को पड़ोस में अलग पहचान देती हैं और सकारात्मक छवि बनाती हैं।
- मनोदशा और वातावरण को प्रभावित करना: रंग हमारी भावनाओं और मनोदशा को प्रभावित करते हैं। बाहरी दीवारों पर उचित रंगों का प्रयोग घर के माहौल को प्रफुल्लित और ऊर्जावान बना सकता है। “रंग मनोविज्ञान का उपयोग करके ऐसे रंग चुनें जो वांछित मनोदशा और वातावरण पैदा करते हों।” उदाहरण के लिए, हल्के और चमकीले रंग जैसे पीला या नारंगी उत्साह और ऊर्जा का संचार करते हैं, जबकि हरा और नीला शांत और आरामदायक प्रभाव डालते हैं।
- पर्यावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करना: घर की बाहरी दीवारों का रंग आसपास के वातावरण के साथ मेल खाना चाहिए। “अगर आपका घर हरियाली से घिरा है, तो आप एक सुसंगत रूप बनाने के लिए हरे या नीले-हरे रंगों के शेड चुन सकते हैं। इसी तरह, अगर आपका घर रेगिस्तानी इलाके में स्थित है, तो बेज, भूरा या टेराकोटा जैसे गर्म रंग आदर्श होंगे।” घर का रंग पर्यावरण के साथ तालमेल बिठाकर सौंदर्य और सद्भाव पैदा करता है।
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घर की बाहरी दीवारों को रंगवाते समय ध्यान में रखें यह बातें
वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार, घर की बाहरी दीवारों का रंग चुनते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- रंग शांत, सौम्य और आकर्षक होना चाहिए।
- चटख और उग्र रंगों से बचना चाहिए।
- रंग घर की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला होना चाहिए।
- रंग का चयन घर की दिशा और वास्तु दोष को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
- रंग घर के आसपास के वातावरण और प्राकृतिक परिदृश्य के अनुरूप होना चाहिए।
- रंग घर के निवासियों की व्यक्तिगत पसंद और स्वभाव के अनुकूल होना चाहिए।
इन दिशानिर्देशों का पालन करके, आप वास्तु सम्मत रंग का चयन कर सकते हैं जो आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) और सद्भाव को बढ़ावा देगा
दिशाओं के आधार पर घर की बाहरी दीवारों का रंग
वास्तुशास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार घर की बाहरी दीवारों का रंग चुनते समय दिशाओं का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण होता है। हर दिशा का अपना महत्व होता है और उसी के अनुसार रंग का चयन करना चाहिए। नीचे दिए गए प्रमुख बिंदुओं में घर की बाहरी दीवारों के लिए उपयुक्त रंग और उनके महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया है:
- उत्तर दिशा: उत्तर दिशा की दीवार के लिए हरा या हल्का नीला रंग सबसे उपयुक्त माना जाता है। ये रंग शांति, स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं।
- ईशान दिशा (उत्तर-पूर्व): ईशान कोण की दीवार के लिए हल्का पीला, सफेद या हल्का बैंगनी रंग का प्रयोग करना चाहिए। ये रंग आध्यात्मिकता और सकारात्मकता को बढ़ावा देते हैं।
- पूर्व दिशा: पूर्व दिशा की दीवार के लिए सफेद या हल्का नीला रंग सबसे उपयुक्त माना जाता है। ये रंग शांति और ज्ञान को बढ़ावा देते हैं।
- आग्नेय दिशा (दक्षिण-पूर्व): आग्नेय कोण की दीवार के लिए नारंगी, पीला या सफेद रंग का प्रयोग करना चाहिए। ये रंग समृद्धि और सफलता को आकर्षित करते हैं।
- दक्षिण दिशा: दक्षिण दिशा की दीवार के लिए नारंगी, गुलाबी या लाल रंग का प्रयोग करना चाहिए। ये रंग ऊर्जा और जुनून को बढ़ावा देते हैं।
- नैऋत्य दिशा (दक्षिण-पश्चिम): नैऋत्य कोण की दीवार के लिए भूरा या हरा रंग का प्रयोग करना चाहिए। ये रंग स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देते हैं।
- पश्चिम दिशा: पश्चिम दिशा की दीवार के लिए नीला रंग सबसे उपयुक्त माना जाता है। नीले रंग के साथ थोड़ा सफेद रंग भी मिलाया जा सकता है। ये रंग शांति और संतुलन को बढ़ावा देते हैं।
- वायव्य दिशा (पश्चिम-उत्तर): वायव्य कोण की दीवार के लिए हल्का स्लेटी, सफेद या क्रीम रंग का प्रयोग करना चाहिए। ये रंग शांति और स्पष्टता को बढ़ावा देते हैं।
- सभी दिशाओं के लिए सफेद रंग का प्रयोग किया जा सकता है क्योंकि यह शुद्धता और सरलता का प्रतीक है। हालांकि, सफेद रंग का अत्यधिक प्रयोग नकारात्मक ऊर्जा को भी आकर्षित कर सकता है।
- बहुत गहरे और भड़कीले रंगों से बचना चाहिए क्योंकि वे नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकते हैं। इसके बजाय, हल्के और सुकून देने वाले रंगों का चयन करना चाहिए।
- बाहरी दीवारों के लिए फ्लैट या मैट फिनिश वाले रंगों का उपयोग करना चाहिए। चमकदार रंग नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को आकर्षित कर सकते हैं।
- पर्यावरण के अनुकूल पेंट का उपयोग करना चाहिए जो कि कम विषाक्त हों और लंबे समय तक टिकाऊ हों। इससे आपके घर की सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी।
इन दिशानिर्देशों का पालन करके, आप अपने घर की बाहरी दीवारों के लिए सही रंग चुन सकते हैं जो सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) को आकर्षित करेंगे और एक सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाएंगे। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये सिर्फ दिशानिर्देश हैं और अंतिम निर्णय हमेशा व्यक्तिगत वरीयताओं और घर की समग्र डिजाइन पर निर्भर करता है।
निष्कर्ष
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वास्तु के अनुसार रंगों का चयन करते समय, अपनी व्यक्तिगत पसंद और घर की वास्तुकला शैली पर भी विचार करें। रंगों का संतुलित मिश्रण चुनना महत्वपूर्ण है जो सौंदर्यपूर्ण रूप से मनभावन हो और घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि को बढ़ावा दे। हमारे द्वारा लिखा गया यह विशेष लेख वास्तु शास्त्र और मान्यताओं पर आधारित है, हमारी वेबसाइट इन सभी उपायों की पुष्टि नहीं करती है इसलिए इन सभी उपायों को अमल में लाने से पहले विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।
Frequently Asked Questions
उत्तर दिशा की दीवारों के लिए हरा रंग सबसे शुभ माना जाता है। यह रंग समृद्धि, विकास और खुशहाली का प्रतीक है। हरा रंग जल तत्व से जुड़ा होता है, जो जीवन और ताज़गी का प्रतिनिधित्व करता है।
पूर्व दिशा की दीवारों के लिए सफेद या हल्का नीला रंग सबसे उपयुक्त माना जाता है। सफेद रंग शुद्धता, ज्ञान और नई शुरुआत का प्रतीक है। पूर्व दिशा वायु तत्व से जुड़ी होती है, जो ज्ञान और बुद्धि का प्रतिनिधित्व करती है।
दक्षिण दिशा की दीवारों पर लाल, नारंगी या गुलाबी रंग का प्रयोग करना चाहिए। ये रंग ऊर्जा, गर्मी और जीवंतता को बढ़ावा देते हैं। दक्षिण दिशा अग्नि तत्व से जुड़ी होती है, जो जुनून और परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करती है।
घर की पश्चिम दिशा की दीवार के लिए नीला रंग सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। नीला रंग शांति, स्थिरता और भावनात्मक संतुलन का प्रतीक है।
उत्तर-पूर्व दिशा की दीवारों के लिए सफेद, हल्का नीला या पीला रंग उपयुक्त माने जाते हैं। ये रंग आध्यात्मिकता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं। वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे शुभ माना जाता है।
दक्षिण-पूर्व दिशा की दीवारों पर नारंगी, पीला या सिल्वर रंग का प्रयोग करना चाहिए। ये रंग रचनात्मकता, ऊर्जा और सौंदर्य को प्रोत्साहित करते हैं। दक्षिण-पूर्व दिशा अग्नि तत्व से जुड़ी होती है, जो जुनून और कलात्मक अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व करती है।

दोस्तों मेरा नाम पंकज पांडे है। में एक आर्ट्स का स्टूडेंट हूँ। मेने मेरे पिताजी से एस्ट्रोलॉजी, भविष्यवाणी जैसी चीजे सीखी है। और इस न्यूज़ वेबसाइट पर में राशिफल और वास्तु शास्त्र से जुड़े आर्टिकल लिखता हूँ। मुझे इस तरह की जानकारी लोगों के साथ शेयर करना काफी अच्छा लगता है।