घडी किस दिशा में लगानी चाहिए? इस दिशा में लगालो घडी फिर देखना कमाल!

Pankaj Pandey
10 Min Read

ghadi kis disha mein lagani chahie: वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार, घर में दीवार घड़ी लगाने का अपना एक विशेष महत्व होता है। घड़ी न केवल समय दिखाती है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी सुनिश्चित करती है। जैसे कि हम जानते हैं, समय का हमारे जीवन में बहुत महत्व होता है। ठीक उसी प्रकार, घर में घड़ी की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण होती है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि घड़ी किस दिशा में लगानी चाहिए? गलत दिशा में घड़ी लगाने से आपके जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं? इसी को ध्यान में रखते हुए आज हमने यह लेख लिखा है। इस लेख में, हम आपको बताएंगे कि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में दीवार घड़ी कैसे और किस दिशा में लगानी चाहिए। आइए जानते हैं कि घड़ी लगाने के क्या नियम हैं, और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही, हम यह भी जानेंगे कि गलत दिशा में घड़ी लगाने से क्या-क्या नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। तो चलिए इस लेख को शुरू करते है।

घर की किस दिशा में लगानी चाहिए दीवार घड़ी?

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra), भारतीय स्थापत्य कला का प्राचीन अभ्यास बताता है, कि घर की दीवार पर घड़ी को किस दिशा में लगाना चाहिए, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आ सकती है। सबसे अच्छी दिशा उत्तर-पूर्व दिशा को मानी जाती है, चाहे घड़ी ड्राइंग रूम, बेडरूम, किचन या प्रार्थना कक्ष में हो, और अगर उत्तर-पूर्व दिशा में जगह नहीं है, तो दूसरी पसंद उत्तर और तीसरी पसंद पूर्व दिशा को माना जाता है। वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण दिशा में घड़ी लगाना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से इसका नकारात्मक परिणाम आपको देखने मिल सकता है, इसीलिए कोशिस करे की आपक अपने घर की उत्तर-पूर्व दिशा में ही घडी रखोगे।

हमने यह तो जान लिया की घडी किस दिशा में लगानी चाहिए, आइये अब विस्तार से यह भी जान लेते है की घडी किस दिशा में नहीं लगानी चाहिए।

इसे भी जरूर पढ़िए: किस दिशा में होना चाहिए आपके घर का बेडरूम?

किस दिशा में नहीं लगानी चाहिए दीवार घड़ी?

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार, घर की दक्षिण दिशा में दीवार घड़ी नहीं लगानी चाहिए। इस दिशा को यम की दिशा माना जाता है और यहाँ घड़ी लगाने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो कारोबार में बाधा डाल सकता है। साथ ही घर के मुख्य द्वार या किसी भी दरवाजे के ऊपर भी घड़ी नहीं लगानी चाहिए। इसमें घर का प्रवेश द्वार और अंदरूनी दरवाजे शामिल हैं। बिस्तर के पास या बिस्तर के ऊपर की दीवार पर भी आपको घड़ी लगाने से बचना चाहिए। वास्तु के नियमों का पालन न करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ सकता है जो घर में रहने वालों के लिए अशुभ हो सकता है।

घर में दीवार घड़ी लगवाने के नियम 

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार घर में दीवार घड़ी लगाने के कुछ महत्वपूर्ण नियम इस प्रकार हैं:

घड़ी लगाने की सबसे शुभ दिशा – उत्तर दिशा

  • उत्तर दिशा को धन और समृद्धि के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है। इस दिशा में घड़ी लगाने से परिवार की आर्थिक मुश्किलें दूर होती हैं।

घड़ी लगाने की अन्य उपयुक्त दिशा – पूर्व दिशा

  • अगर उत्तर दिशा में संभव न हो, तो पूर्व दिशा में घड़ी लगाएं। पूर्व दिशा में घड़ी लगाने से घर में धन-समृद्धि आकर्षित होती है।

घड़ी न लगाने वाली दिशा – दक्षिण दिशा

  • दक्षिण दिशा को यम की दिशा मानते है, इसीलिए यहां घड़ी नहीं लगानी चाहिये, यह दिशा मृत्यु के स्वामी यम द्वारा शासित होने से इसे अशुभ माना जाता है।

घड़ी लगाने की जगह

  • घड़ी को दीवार पर लगाएं, फर्श या टेबल पर नहीं। घडी को ऐसी जगह पर लगाना चाहिए, जहा इसे आसानी से देखा या सुना जा सकता है।

घड़ी न लगाने वाली जगहें

  • दरवाजे या खिड़की के ऊपर घड़ी न लगाएं, इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में आ सकती है। बाथरूम या रसोईघर के पास घड़ी न लगाएं, यह जगह नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी मानी जाती हैं। टीवी, कंप्यूटर, माइक्रोवेव जैसे इलेक्ट्रिकल उपकरणों के पास घड़ी न लगाएं, ये घड़ी के कामकाज में बाधा डाल सकते हैं।

घड़ी के आकार का महत्व

  • घर में गोल आकार की घड़ियां सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती हैं। पेंडुलम वाली घड़ी घर में लगाना अच्छा माना जाता है, यह घर में तरक्की लाती है।

घड़ी की देखभाल के नियम

  • इस बात का ध्यान रखना की घड़ी पर धूल नहीं जमनी चाहिए, इससे तरक्की में रुकावट आती है। इसीके साथ टूटी या खराब घड़ी को घर में न रखें, इससे नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है। ऐसी घड़ियों को तुरंत ठीक करवाएं या इसे घरसे बाहर फेंक दे। घड़ी का समय हमेशा सही रखना चाहिए, आगे-पीछे न करें। घड़ी में गलत समय रहने से खुद का समय भी सही नहीं चलता।

इन वास्तु नियमों (Vastu Tips) का पालन करने से घड़ी सकारात्मक ऊर्जा घर में लाती है और परिवार को सुख-समृद्धि प्रदान करती है। लेकिन घड़ी लगाने से पहले एक वास्तु विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित होगा।

वास्तु के अनुसार दीवार घड़ी किस आकार की होनी चाहिए? 

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार, दीवार घड़ी का आकार और प्रकार घर की ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है। एक दीवार घड़ी का आदर्श व्यास 6 से 14 इंच होना चाहिए। गोल आकार की घड़ी धन और समृद्धि को आकर्षित करती है, जबकि वर्ग या आयताकार घड़ी समानांतर रूप से उपयोगी मानी जाती है। त्रिकोणीय आकार की घड़ी से बचना चाहिए क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यह घर में विवाद और बहस को उत्पन्न कर सकती है। इसके अलावा, बेडरूम में शिक्षा वाली घड़ी लगाने से बचना चाहिए। घड़ी का फ्रेम सदैव साफ होना चाहिए।

निष्कर्ष:

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार घरों में दीवार घड़ियों को लगाने के लिए दिशा-निर्देशों का पालन करके, आप न केवल सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ा सकते हैं, बल्कि समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशी को भी आमंत्रित कर सकते हैं। हमारे द्वारा लिखा गया यह विशेष लेख वास्तु शास्त्र और मान्यताओं पर आधारित है, हमारी वेबसाइट इन सभी उपायों की पुष्टि नहीं करती है इसलिए इन सभी उपायों को अमल में लाने से पहले विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।

Frequently Asked Questions

घड़ी किस दिशा में लगानी चाहिए? 

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार, घड़ी को उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। इन दिशाओं में घड़ी लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है, धन-संपदा में वृद्धि होती है और परिवार के सदस्यों को सफलता मिलती है।

क्या घड़ी को दक्षिण दिशा में लगा सकते हैं? 

नहीं, वास्तु के अनुसार घड़ी को दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं लगाना चाहिए। इन दिशाओं में घड़ी लगाने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है जिससे घर में आर्थिक परेशानियाँ, स्वास्थ्य समस्याएँ और अन्य बाधाएँ आ सकती हैं।

घर के मुख्य द्वार पर घड़ी लगाना कैसा रहता है?

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार, घर के मुख्य द्वार या किसी भी दरवाजे के ठीक ऊपर घड़ी नहीं लगानी चाहिए। ऐसा करने से घर में नकारात्मकता आती है और परिवार के सदस्यों के जीवन में बाधाएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

बेडरूम में घड़ी लगाने का सही स्थान कौन सा है? 

बेडरूम (Bedroom) में घड़ी को उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर लगाना चाहिए। साथ ही ध्यान रखें कि घड़ी का मुँह बिस्तर की ओर न हो और बिस्तर का प्रतिबिंब घड़ी में न दिखाई दे। ऐसा करने से नींद प्रभावित हो सकती है।

घड़ी का आकार और डिजाइन कैसा होना चाहिए? 

वास्तु के अनुसार, घर में गोल या अंडाकार घड़ी लगानी चाहिए। इसके अलावा पेंडुलम वाली घड़ी भी शुभ मानी जाती है। घड़ी का डिजाइन सरल और सुंदर होना चाहिए, उस पर तेज या नुकीले किनारे नहीं होने चाहिए।

साथियों उम्मीद है की आप जान गए होंगे घडी किस दिशा में लगानी चाहिए, अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी है तो हमें कमेंट करके जरूर बताना।

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दोस्तों मेरा नाम पंकज पांडे है। में एक आर्ट्स का स्टूडेंट हूँ। मेने मेरे पिताजी से एस्ट्रोलॉजी, भविष्यवाणी जैसी चीजे सीखी है। और इस न्यूज़ वेबसाइट पर में राशिफल और वास्तु शास्त्र से जुड़े आर्टिकल लिखता हूँ। मुझे इस तरह की जानकारी लोगों के साथ शेयर करना काफी अच्छा लगता है।

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