Sift Kaur Samra Biography: डॉक्टरी छोड़ बनी निशानेबाज, जीता स्वर्ण पदक और किसान पिता को कराया गर्व।

Pankaj Pandey
12 Min Read

Sift Kaur Samra Biography: सिफ्ट कौर समरा (Sift Kaur Samra), एक नाम जो आज भारतीय शूटिंग जगत में गूंज रहा है। इस 21 वर्षीय युवा शूटर ने अपने अथक प्रयासों और लगन से न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

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एक ऐसे खेल में जहां सटीकता, धैर्य और मानसिक स्थिरता की परीक्षा होती है, सिफ्त ने साबित कर दिया है कि असंभव कुछ भी नहीं है। उन्होंने न केवल भारत को एशियाई खेलों में एक स्वर्ण पदक दिलाया बल्कि साथ ही एक नया विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित किया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सफलता के पीछे एक ऐसी कहानी छिपी है जो हर किसी को प्रेरित करेगी? एक ऐसी कहानी जो बताती है कि सपनों को साकार करने के लिए किस हद तक जाना पड़ता है। 

तो चलिए, आज हम आपको सिफ्त कौर समरा की उस अनकही कहानी से रूबरू कराते हैं जो न सिर्फ आपको प्रेरित करेगी बल्कि एक नई ऊर्जा से भी भर देगी।

टॉपिकSift Kaur Samra Biography
लेख प्रकारआर्टिकल
भाषाहिंदी
वर्ष2024
नामसिफ्ट कौर समरा
जन्म9 September 2001
जन्म स्थानफरीदकोट, पंजाब, भारत
आयु22 वर्ष 
कार्यनिशानेबाज
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सिफ्त कौर समरा कौन हैं? (Who is Sift Kaur Samra?)

सिफ्त कौर समरा (Sift Kaur Samra), 22 वर्षीय एक युवती निशानेबाज, जो पंजाब के एक किसान परिवार से हैं। उन्होंने 2023 के एशियाई खेलों में महिला 50 मीटर राइफल तीन स्थितियों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। वे ने एक नया विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित किया, 469.6 अंकों के साथ, जो पिछले रिकॉर्ड से 2.6 अंक अधिक था। सिफ्त ने अपना करियर निशानेबाजी में बनाने का निर्णय लिया, एमबीबीएस को छोड़कर। उनकी मेहनत और समर्पण ने भारत को गर्व महसूस कराया और उन्हें देश की युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनाया।

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सिफ्त कौर समरा का जीवन परिचय (Biography of Sift Kaur Samra)

सिफ्त कौर समरा (Sift Kaur Samra), एक भारतीय शूटर, जिन्होंने अपनी बड़ी सफलता को अपने निर्णय, संघर्ष और समर्पण के बल पर प्राप्त किया है। इनका जन्म पंजाब के फरीदकोट जिले में हुआ था, और उनकी यात्रा छोटी सी उम्र में उनके पिता, पवनदीप सिंह, के प्रेरणा से शुरू हुई। उन्होंने बाल्यावस्था में ही शूटिंग के प्रति अपनी प्रतिभा और रुचि दिखाई।

उन्होंने अपनी यात्रा 2016-17 में 10m इवेंट से शुरू की और बाद में 2019 में 3P इवेंट में सम्मिलित हुईं। इनकी यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया जब उन्होंने अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई छोड़ दी और शूटिंग पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित किया। वे समरासा मेडिकल कॉलेज, फरीदकोट में अध्ययन कर रही थीं, लेकिन उन्हें अपने अध्ययन और शूटिंग को संतुलित करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। इनका निर्णय अखिरकार उन्हें सफलता की ओर ले गया, जब वे 2023 की एशियाई खेलों में महिलाओं के 50m राइफल 3 स्थितियों के इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने में सफल हुईं। उन्होंने इस इवेंट में विश्व रिकॉर्ड तोड़कर 460.5 अंक प्राप्त किए। सिफ्त कौर समरा ने अपनी सफलता के बाद अपने परिवार और कोचों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने उन्हें उनकी यात्रा में सहयोग दिया। आज वे अमृतसर के गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (Guru Nanak Dev University) से शारीरिक शिक्षा और खेल में डिग्री प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने अब तक भारत के लिए पैरिस 2024 ओलिंपिक में एक कोटा सुरक्षित किया है और वे अब अपने देश को गर्वित करने की तैयारी में हैं।

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सिफ्त कौर समरा (Sift Kaur Samra) की कहानी एक प्रेरणा है, जो युवा खिलाड़ियों को उनके सपनों का पीछा करने और कठिनाईयों का सामना करने के लिए प्रेरित करती है।

सिफ्त कौर समरा विकिपीडिया (Sift Kaur Samra Wikipedia)

सिफ्त कौर समरा (Sift Kaur Samra) (जन्म 9 सितंबर 2001) एक जाट सिख परिवार में, एक भारतीय खेल निशानेबाज हैं , जो ओजीक्यू द्वारा समर्थित हैं। उनके पास महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन फाइनल में वर्तमान विश्व रिकॉर्ड है, जो तब बनाया गया था जब उन्होंने 2022 एशियाई खेलों में महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। वह 2022 एशियाई खेलों में महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थीं।

शूटिंग पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सिफ्ट ने फरीदकोट के जीजीएस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस पाठ्यक्रम छोड़ दिया। वह वर्तमान में अमृतसर में जीएनडीयू से बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स की पढ़ाई कर रही हैं। शूटिंग से उनका परिचय उनके चचेरे भाई सेखों, जो एक शॉटगन शूटर थे, ने कराया था। नौ साल की उम्र में, उन्हें पहली बार पंजाब की एक शूटिंग रेंज में शूटिंग का स्वाद मिला। उनके माता-पिता एक कृषक परिवार (Kisan Family) से हैं और चावल छीलने का व्यवसाय करते हैं। 2023: सितंबर में, सिफ्ट ने 2.6 अंकों के अंतर से ब्रिटेन के सियोनैड मैकिन्टोश द्वारा बनाए गए विश्व रिकॉर्ड को तोड़ दिया। सैमरा ने कुल 469.6 अंक, नीलिंग में 154.6 अंक, प्रोन में 157.9 और स्टैंडिंग एलिमिनेशन में 157.1 अंक हासिल कर क्यूनग्यू झांग को हराया। चीन में आयोजित 2022 एशियाई खेलों के दौरान, उन्होंने महिलाओं की 3पी श्रेणी में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता, साथ ही विश्व रिकॉर्ड भी तोड़ा। उन्होंने साथी साथी आशी चौकसे और मानिनी कौशिक के साथ टीम रजत पदक भी जीता।

उन्होंने जूनियर विश्व कप में पांच पदक जीते। 2022: उन्होंने राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने आईएसएसएफ विश्व कप में 50 मीटर राइफल 3पी में पदार्पण पर कांस्य पदक जीता। 

सिफ्त कौर समरा की प्रारंभिक शिक्षा (Sift Kaur Samra’s primary education)

सिफ्त कौर समरा (Sift Kaur Samra), अमृतसर (Amritsar), पंजाब (Punjab) में जन्मी, ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा यादविंद्रा पब्लिक स्कूल, मोहाली में ग्रहण की। यहाँ के विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिसमें खेल भी शामिल हैं। सिफ्त ने अपनी स्नातक की पढ़ाई खालसा कॉलेज फॉर वीमेन, अमृतसर से की।

यहीं पर उन्होंने अपनी शूटिंग के प्रति रुचि का पता लगाया, और 2012 में उन्होंने अपने शूटिंग करियर की शुरुआत की। उन्होंने अपने MBBS कोर्स की पढ़ाई श्री गुरु राम दास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च, अमृतसर में शुरू की, लेकिन 2022 में वे इसे छोड़ने का निर्णय लेती हैं। अपने MBBS कोर्स को छोड़ने के बाद, सिफ्त ने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर से शारीरिक शिक्षा और खेल में डिग्री प्राप्त करना शुरू किया। सिफ्त कौर समरा की शिक्षा का यह यात्रा उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, जिसने उन्हें उनके करियर के लिए तैयार किया।

सिफ्त कौर समरा का परिवार (Sift Kaur Samra’s family)

सिफ्त कौर समरा (Sift Kaur Samra) एक किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता पवनदीप सिंह किसान हैं, लेकिन उनका परिवार डॉक्टरों का परिवार है। उनके चार से पांच चचेरे भाई-बहन डॉक्टर हैं। सिफ्त कौर समरा का  छोटा भाई भी है जो निशानेबाज है और स्कूल नेशनल में पदक जीत चुका है। उसने 12वीं की परीक्षा के बाद नीट क्वालिफाई किया, लेकिन उसने शूटिंग छोड़ दी है और वह डॉक्टरी की पढ़ाई करेगा। सिफ्त और उनके परिवार ने शूटिंग को प्राथमिकता दी और एमबीबीएस की पढ़ाई छोड़ने का फैसला लिया ताकि वह देश के लिए पदक जीत सकें। सिफ्त के इस फैसले में उनके माता-पिता का भी पूरा सहयोग रहा। 

निष्कर्ष

सिफ्त कौर समरा (Sift Kaur Samra) का जीवन और उपलब्धियां हर भारतीय के लिए गर्व का विषय हैं। एक किसान परिवार की बेटी ने अपने दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से यह साबित कर दिया है कि सपने सच होते हैं। उनका संघर्ष और सफलता देश के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी। समरा ने न सिर्फ शूटिंग में नया कीर्तिमान स्थापित किया बल्कि करोड़ों भारतीयों का दिल भी जीत लिया।

Frequently Asked Questions

सिफ्त कौर समरा कौन हैं? 

सिफ्त कौर समरा एक भारतीय निशानेबाज हैं जिन्होंने एशियाई खेलों 2023 में महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 469.6 अंकों के साथ एक नया विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित किया। वह पंजाब की रहने वाली हैं और वर्तमान में 22 वर्ष की हैं।

सिफ्त कौर समरा ने शूटिंग में कैसे करियर बनाया?

सिफ्त कौर ने शुरू में एमबीबीएस में दाखिला लिया था, लेकिन बाद में उन्होंने शूटिंग में करियर बनाने के लिए डॉक्टरी की पढ़ाई छोड़ दी। उन्होंने महसूस किया कि शूटिंग और डॉक्टरी की पढ़ाई एक साथ नहीं चल सकती, इसलिए उन्होंने और उनके माता-पिता ने शूटिंग को चुना।

सिफ्त कौर समरा के माता-पिता क्या करते हैं? 

सिफ्त कौर समरा के पिता किसान हैं। उनके माता-पिता ने सिफ्त के शूटिंग करियर का समर्थन करने का फैसला किया, भले ही उन्होंने पहले डॉक्टरी की पढ़ाई शुरू की थी। उनके परिवार ने सिफ्त के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सिफ्त कौर समरा ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक कब जीता? 

सिफ्त कौर ने 2021 में भोपाल निशानेबाजी विश्व कप में 50 मीटर थ्री पोजीशन स्पर्धा में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीता। यह उपलब्धि उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

सिफ्त कौर समरा ने एशियाई खेलों 2023 में कौन से पदक जीते? 

सिफ्त कौर समरा ने एशियाई खेलों 2023 में दो पदक जीते। उन्होंने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक और महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। उनका स्वर्ण पदक एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए आया।

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दोस्तों मेरा नाम पंकज पांडे है। में एक आर्ट्स का स्टूडेंट हूँ। मेने मेरे पिताजी से एस्ट्रोलॉजी, भविष्यवाणी जैसी चीजे सीखी है। और इस न्यूज़ वेबसाइट पर में राशिफल और वास्तु शास्त्र से जुड़े आर्टिकल लिखता हूँ। मुझे इस तरह की जानकारी लोगों के साथ शेयर करना काफी अच्छा लगता है।

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